सूर्यग्रहण 21 जून 2020
आने वाली 21 जून, रविवार को सूर्य ग्रहण लग रहा है। इस खगोलीय घटना को लेकर सभी के मन में जिज्ञासा है। ज्योतिष गणना के अनुसार यह ग्रहण देश व दुनिया के लिए कई अर्थों में निर्णायक साबित हो सकता है। सूर्य ग्रहण से 16 दिन पहले चंद्र ग्रहण था और 14 दिन बाद भी चंद्र ग्रहण लगेगा। 30 दिन के अंतर में तीन ग्रहणों का संयोग बहुत प्रभावी एवं फलदायक माना जा रहा है। ज्योतिषाचार्य डॉ शोनू मेहरोत्रा के अनुसार सूर्य ग्रहण के बाद सृष्टि में राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक तौर पर उथल-पुथल मच सकती है लेकिन यह ग्रहण कुछ राशियों के लिए शुभ परिणाम के संकेत भी दे रहा है और कुछ राशियों के लिए अशुभ संकेत मिल रहे हैं।
यह ग्रहण 12 में से 8 राशियों के लिए अशुभ रहेगा
आगरा में ताबड़तोड़ फायरिंग, दहली आवास विकास कॉलोनी, राहगीर घायल
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अशुभ - वृष, मिथुन, कर्क, तुला, वृश्चिक, धनु, कुंभ और मीन।
सामान्य - मेष, मकर, कन्या और सिंह।
ग्रह चलेंगे उल्टी चाल
21 जून को लगने वाला सूर्य ग्रहण इस बार कई ज्योतिषिय घटना लेकर आ रहा है। इस ग्रहण पर छह ग्रह वक्री हो रहे हैं। इसका मतलब है कि ये ग्रह उल्टी चाल चलेंगे। इसका संबंध लोगों से भी हैं क्योंकि ग्रहों के वक्री होने से सभी राशियों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ेंगे। अगस्त तक ऐसी स्थिति रहेगी। इसके बाद सितंबर में कुछ राहत मिलने के संकेत दिखाई दे रहे हैं। इस ग्रहण और ग्रहों के वक्री होने का विभिन्न राशियों पर निम्न प्रभाव पड़ेगा।
Solar Eclipse 2020: वैसे तो भौतिक या खगोलीय शास्त्र में सूर्यग्रहण या चंद्रग्रहण को एक खगोलीय घटना मानी जाती है लेकिन ज्योतिष शास्त्र में ग्रहण का बहुत बड़ा महत्त्व होता है. जहाँ इस ग्रहण का असर विभिन्न राशियों पर अच्छे और बुरे परिणामों के रूप में दिखाई देता है वहीँ इसके बुरे प्रभाव से देश में कई प्रकार की दैवीय आपदाएं भी आती रहती हैं. ग्रहण के बुरे प्रभाव से बचने के लिए ज्योतिषाचार्यों द्वारा कई तरह के उपाय भी बताये जाते हैं.

इस महीने 21 जून 2020 को लगाने वाला सूर्यग्रहण भारतीय समय के अनुसार सुबह 09:15 से शुरू होकर 03:04 बजे तक रहेगा. सूर्यग्रहण दोपहर 12:10 बजे अपने चरम पर रहेगा. 21 जून को लगने वाले सूर्यग्रहण का सूतक 20 जून की रात 09:15 से ही शुरू हो जायेगा जो कि ग्रहण के ख़त्म होने के साथ ही समाप्त होगा. लोगों को सलाह दी जाती है कि इस दौरान कोई भी शुभ कार्य न करें.
12 राशियों पर कैसा रहेगा इस सूर्य ग्रहण का असर
मेष राशि- मेष राशि के लोगों को इस सूर्यग्रहण से लाभ होता दिखाई दे रहा है. इस राशि वालों को इस दौरान धन, पद और सम्मान की प्राप्ति होगी.
वृषभ राशि- इस सूर्यग्रहण का सबसे अधिक प्रभाव वृषभ राशि वालों पर पड़ने की संभावना है. इस राशि वालों के लिए यह सूर्यग्रहण आर्थिक और नौकरी के क्षेत्र में परेशानी पैदा करेगा.
मिथुन राशि- ऐसे लोग जिनकी राशि मिथुन है उनके लिए भी यह सूर्यग्रहण अच्छा नहीं है. मिथुन राशि के लोगों को वाहन दुर्घटना और वाद-विवाद जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.
कर्क राशि- कर्क राशि वाले जमीन-जायदाद और वाहन से जुड़े मामले में सावधानी रखें. क्योंकि इससे सम्बंधित विवाद होने की अधिक संभावना है.
सिंह राशि- इस राशि के लिए यह समय बहुत अच्छा है. जहां इस राशि वालों के लिए यह समय पैसे के मामले में मजबूत बनाएगा वहीँ इन्हें जीवनसाथी का भी सुख प्राप्त होगा.
कन्या राशि- कन्या राशि वाले लोगों के लिए भी यह सूर्यग्रहण लाभदायक साबित होने वाला है. इस राशि के लोगों को इस दौरान शुभ समाचार प्राप्त होने की प्रबल संभावना है.
तुला राशि- तुला राशि वालों को यह सलाह है कि वे किसी वाद-विवाद में न पड़कर खुद को शांत रखें.
वृश्चिक राशि- इस राशि के लोग जो भी फैसला करें बहुत सोच-समझ कर करें क्योंकि इस राशि के लोगों को किसी चिंता में पड़ने की संभावना है.
धनु राशि- धनु राशि के लोगों को यह सलाह है कि वे अपने जीवनसाथी का ध्यान रखते हुए ही फैसला करें नहीं तो पारिवारिक जीवन को लेकर तनाव हो सकता है.
मकर राशि- मकर राशि वालों के लिए यह सूर्यग्रहण कुल मिलाकर शुभ और फलदायी रहने की सम्भावना है.
कुम्भ राशि- इस राशि के लोगों को मानसिक परेशानी हो सकती है और तनाव का सामना भी करना पड़ सकता है. जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लेना न भूलें.
मीन राशि- मीन राशि वालों के लिए भी यह ग्रहण परेशान करने वाला है. इस दौरान इस राशि वालों के लिए खर्च अधिक रहेगा मतलब आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया. इस राशि के लोगों की तबियत खराब हो सकती है और मानसिक तनाव का सामना भी कर पड़ सकता है.
ग्रहण को मंत्र सिद्धि के लिए सर्वश्रेष्ठ समय माना गया है। ग्रहण काल में किसी भी एक मंत्र को, जिसकी सिद्धि करना हो या किसी विशेष प्रयोजन हेतु सिद्धि करना हो, जप सकते है। ग्रहण काल में मंत्र जपने के लिए माला की आवश्यकता नहीं होती बल्कि समय का ही महत्व होता है।
यदि आपके शत्रुओं की संख्या अधिक है व आप परेशान हैं तो बगुलामुखी का मंत्र जाप करें। मंत्र इस प्रकार है-
ॐ ह्लीं बगलामुखी देव्यै सर्व दुष्टानाम वाचं मुखं पदम् स्तम्भय जिह्वाम कीलय-कीलय बुद्धिम विनाशाय ह्लीं ॐ नम:।
वाक् सिद्धि हेतु-
ॐ ह्लीं दूं दूर्गाय: नम:
लक्ष्मी प्राप्ति हेतु तांत्रिक मंत्र-
ॐ श्रीं ह्लीं क्लीं ऐं ॐ स्वाहा:।
नौकरी एवं व्यापार में वृद्धि हेतु प्रयोग-
निम्नलिखित मंत्र का ग्रहणावधि तक लगातार जप करें-
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद-प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम:।
मुकदमे में विजय के लिए-
ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तंभय जिह्ववां कीलय बुद्धि विनाशय ह्लीं ओम् स्वाहा।।
इसमें 'सर्वदुष्टानां' की जगह जिससे छुटकारा पाना हो उसका नाम लें।
कोई मंत्र तब ही सफल होता है, जब आप में पूर्ण श्रद्धा व विश्वास हो। किसी का बुरा चाहने वाले मंत्र सिद्धि प्राप्त नहीं कर सकते। मंत्र जपते समय एक खुशबूदार अगरबत्ती प्रज्ज्वलित कर लें। इससे मन एकाग्र होकर जप में मन लगता है व ध्यान भी नहीं भटकता है।

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